3/30/2011

दीमको की बनायी बांबी से प्रकट होने के कारण उनका नाम वाल्मीकि पड़ा

भगवान् का, सर्वेश्वर का, बैकुंठनाथ विष्णु का अथवा साक्षात् परब्रह्म परमात्मा का जो राम रूप है, वह वाल्मीकि की द्रष्टि में मानव रूप है. और हम सब लोगो के जीवन के साथ सीधा सम्बन्ध रखता है. हमें अन्य भगवानो की उपासना करनी पड़ेगी, ध्यान करना पड़ेगा, प्रार्थना करनी पड़ेगी, उनका ज्ञान प्राप्त करना पड़ेगा, पर हम श्री रामचंद्र के चरित्र को साक्षात् अपने इसी भौतिक जीवन में उतार सकते है.
वाल्मीकि जी क्या है? वाल्मीकि माने होता है बांबी. तपस्या करते-कतरे उनके शरीर में लग गए दीमक और दीमको की माटी से उनका शरीर ढक गया. वे केवल अस्थिमात्र शेष रह गए. उनके चाम, रक्त और पीब को दीमक चाट गए. दीमको की बनायी बांबी से प्रकट होने के कारण उनका नाम वाल्मीकि पड़ा. मतलब यह है की वाल्मीकि धरती के, प्रथ्वी के पुत्र है.

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